(Registration) Mera Pani Meri Virasat Yojana 2021

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सभी किसान भाईयों को हमारा नमस्कार ! जैसा की हम जानते है कि प्रदेश के सभी जिलों में पानी की समस्या खड़ी हो गई है। हरियाणा के अधिकतर जिले डार्क जॉन में शामिल किये जा चुके है। हरियाणा में बड़े स्तर पर गेहूँ व धान के फसल प्रणाली अपनाने के कारण मृदा व उसके उत्पादन शक्ति में कमी आयी है। तथा लगातार गिरते भू -जल स्तर के कारण जलवायु परिवर्तन जैसी समस्याएँ पैदा हो रही है। जिसके परिणामस्वरूप किसानों को आर्थिक रूप से नुकसान हो रहा है

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Table of Contents

Mera Pani Meri Virasat Yojana Haryana

योजना का नाममेरा पानी मेरी विरासत
राज्य का नामहरियाणा
शुरू की गईमई 2020 में
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा
योजना के लाभार्थीहरियाणा के किसान
उद्देश्यबहुमूल्य जल, प्रकृति व मिट्टी का संरक्षण
मेरा पानी मेरी विरासत योजना लास्ट डेटअघोषित
हेल्पलाइन नंबर1800-180-2117

हरियाणा सरकार द्वारा किसानों को मेरा पानी – मेरी विरासत योजना के तहत वैकल्पिक फसलों (फल, सब्जी , दलहन , मक्का , कपास) की खेती करने के लिए किसानों को प्रेरित करने के साथ साथ उन्हें प्रोत्साहन राशि के रूप में प्रति एकड़ 7000/- रुपये प्रदान किये जाते है। तथा बागवानी करने वाले किसानों को Mera Pani Meri Virasat योजना के अतिरिक्त अलग से प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। मेरा पानी मेरी विरासत योजना के बारे में सम्पूर्ण जानकारी प्राप्त करने हेतु हमारे इस लेख को अंत तक पढ़े।

हरियाणा की देश में सांस्कृतिक व भौगोलिक रूप से एक अलग पहचान है। एक प्रकार से हरियाणा भारत का प्रतिबिम्ब जैसा ही दिखाई पड़ता है। हरियाणा के अलग-2  जिलों में अलग-2  प्रकार की मिट्टी, जीव- जंतु व कई प्रकार की फसल उगाई जाती है। यहाँ पर फल , फूल , सब्जियों व अनाज आदि की खेती की जाती है। प्रदेश सरकार द्वारा किसानों को बागवानी करने व वैकल्पिक फसलों का उत्पादन करने के लिए प्रेरित करने के साथ -2 उन्हें प्रोत्साहित किया जा रहा है। जिससे बहुमूल्य जल का संरक्षण किया जा सके।

पानी की समस्याओं का समाधान करने के लिए हरियाणा सरकार ने प्रदेश में Mera Pani Meri Virasat योजना की शुरुआत की है जिसका प्रमुख उद्देश्य हरियाणा के भूमिगत जल के स्तर में सुधार करना है। Mera Pani Meri Virasat योजना के माध्यम से सरकार किसानों को धान की फसल के स्थान पर वैकल्पिक फसलों का उत्पादन करने के लिए प्रेरित कर रही है। तथा हरियाणा राज्य  की भौगोलिक संरचना के अनुसार खेतों में सिंचाई के लिए पानी का योजनाबद्ध तरीके से उपयोग सुनिश्चित करना है। जिससे प्रदेश में भूमिगत जल स्तर में सुधार लाया जा सकता है।

‘मेरा पानी मेरी विरासत योजना’ को ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा योजना’ से लिंक किया गया

प्रदेश के गिरते जल स्तर को सँभालने व किसानो को वैकल्पिक फसलों के प्रति प्रोत्साहित करने लिए लिए मेरा पानी मेरी विरासत योजना को सरकार द्वारा पिछले वर्ष आरंभ किया गया था। मेरा पानी मेरी विरासत योजना को आरंभ करने का मुख्य उद्देश्य पानी की बचत करना और प्रदेश के जल स्तर को तक करना है। मेरा पानी मेरी विरासत योजना के अंतर्गत किसानों को एक आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है जो किसान धान की जगह वैकल्पिक फसल की खेती करते हैं। यह आर्थिक सहायता किसानो के बैंक अकाउंट में  ₹7000 प्रति एकड़ की दर से प्रदान की जाती है। पिछले वर्ष किसानों द्वारा 96000 एकड़ जमीन पर उन फसलों की खेती की गई थी जो कम पानी के इस्तेमाल करती है। इस वैकल्पिक फसलों का निर्धारण हरियाणा सरकार द्वारा किया गया है। मेरा फसल मेरा ब्यौरा योजना की सफलता को देखते हुए हरियाणा सरकार ने अब मेरा पानी मेरी विरासत योजना को मेरी फसल मेरा ब्योरा योजना के साथ जोड़ने का निर्णय लिया गया है। जिससे कि किसानों को और अधिक सुगमता से इसका लाभ पहुंचाया जा सके।

रिव्यू मीटिंग के माध्यम से प्रदान की गई महत्वपूर्ण जानकारी

मेरा फसल मेरा ब्यौरा योजना को मेरा पानी मेरी विरासत योजना से जोड़ने की जानकारी एक रिव्यू मीटिंग के दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के द्वारा प्रदान की गई है। इस रिव्यू मीटिंग के दौरान कृषि विभाग के अधिकारियों को  राज्य के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर जी के द्वारा यह निर्देश दिए गए हैं कि  राज्य के सभी किसानों तक प्रदेश में चलायी जा रही इस योजना से संबंधित जानकारी पहुंचाई जाएँ । जिस से कि प्रदेश में पानी की बचत की जा सके। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा यह भी जानकारी दी गई थी किसानों को सब्जियां, दाले, सोयाबीन, ग्वार आदि वैकल्पिक फसलों की खेती करने के लिए भी आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए सभी किसानों को अपने नजदीकी सीएससी सेंटर या मोबाइल से अपनी फसल से संबंधित विस्तृत जानकारी मेरी फसल मेरा ब्योरा एवं मेरा पानी मेरी विरासत पोर्टल पर देनी होगी ।

लाभार्थियों का सत्यापन समय पर किया जाएगा

किसान द्वारा फसल की जानकारी मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर अपलोड करने के बाद संबंधित अधिकारी द्वारा किसान द्वारा प्रदान की गई जानकारी का सत्यापन किया जाएगा और उसके बाद लाभ की राशि लाभार्थी के सीधे ही बैंक खाते में पहुंचा दी जाएगी। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि इस योजना के कार्यान्वयन के लिए लाभार्थी के सत्यापन का कार्य बिना विलम्ब के समय से कर लिया जाए। इसके अलावा मुख्यमंत्री द्वारा यह भी निर्देश दिए कि पूरे राज्य को चार जोन में बांटा जाएगा।राज्य के प्रत्येक जोन में एक सीनियर ऑफिसर की नियुक्ति की जाए । यह सीनियर ऑफिसर अपने अंतर्गत आने वाले जोन के किसानों को सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली योजनाओं की जानकारी प्रदान करेंगे। जिससे कि राज्य के प्रत्येक किसान को हरियाणा सरकार द्वारा चलायी गई योजना का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। मेरा पानी मेरी विरासत योजना का लाभ उन किसानों को भी प्रदान किया जाएगा जिन्होंने धान सीजन के दौरान कोई खेती नहीं की। और अपना खेत खाली छोड़ दिया था।

मेरा पानी मेरी विरासत योजना हरियाणा

धान की फसल हरियाणा राज्य की प्रमुख फसलों में से एक है धान के बोये जाने वाले क्षेत्र में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। धान की फसल की पैदावार करने के लिए अन्य फसलों की अपेक्षा पानी की अधिक जरुरत होती है। अर्थात धान की फसल में पानी की खपत भी अधिक होती है। जिस प्रकार तेजी से जनसँख्या बढ़ रही है उसी प्रकार खाद्य पदार्थो की आवश्यकता भी बढ़ रही है। तथा प्राकृतिक संसाधनों में लगातार कमी हो रही है। हाल ही के ताज़ा आकड़ों के अनुसार हरियाणा में प्रत्येक वर्ष औसतन एक मीटर भूमिगत जल के स्तर में गिरावट आ रही है। जो हमारे भविष्य को लेकर एक चिंता का विषय बना हुआ है।

राज्य सरकार द्वारा हमारी अगली पीढ़ी का जीवन सुरक्षित करने के लिए Mera Pani Meri Virasat Yojana के माध्यम से प्रदेश के एक लाख हेक्टेयर में मक्का, कपास, बाजरा, दलहन व बागवानी फसलों से विविधीकरण के लिए ही मई 2019 में  मेरा पानी मेरी विरासत योजना का सुभारम्भ किया है। जिसके अंतर्गत किसान अधिक पानी की मांग करने वाली फसलों के स्थान पर वैकल्पिक फसलों का उत्पादन करेंगे। किसानों को अन्य फसलों की खेती करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

मेरा पानी मेरी विरासत योजना के तहत राज्य के किसान जो निम्नलिखित 8  खण्डों से सम्बंधित है उन्हें अपने खेत में धान के पिछले वर्ष बोए गए क्षेत्र के 50 प्रतिशत या उससे अधिक क्षेत्र में वैकल्पिक फसलों का उत्पादन करना होगा। Mera Pani Meri Virasat Scheme के माध्यम से हरियाणा सरकार का उद्देश्य फसलों के विविधीकरण के साथ-2 नयी पीढ़ी के तकनीकों को बढ़ावा देना , प्रदेश में इन फसलों का उत्पादन बढ़ाना और किसानो की आया बढ़ने हेतु वैकल्पिक फसलों का चुनाव करने में सक्षम बनाना है। मेरा पानी मेरी विरासत योजना के तहत राज्य के चुने गए 8 खंड इस प्रकार है – सिरसा, रतिया,सीवन , बबैन , गुहला , ईस्माइलाबाद , पीपली , शाहबाद।

हरियाणा सरकार मेरा पानी मेरी विरासत योजना के तहत कृषि की नवीनतम तकनीक को बढ़ावा देने के उद्देश्य के साथ -2 प्रदेश में मक्का फसल की बिजाई करने के लिए विभाग द्वारा मक्का प्लांटर, न्युमैनिक प्लांटर  व मल्टी प्लांटर की प्रयाप्त संख्या में उपलब्धता सुनिश्चित की गई है कृषि यंत्रीकरण के लिए राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के तहत 40 से 50 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान की जा रही है।

इसे पढ़े : मेरी फसल – मेरा ब्यौरा योजना 

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जल के अति दोहन के प्रमुख कारण

हरियाणा में पानी के अति दोहन के कारण यहाँ के लोगों को पानी की कमी की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जिसका कारण लोग अब अपने और अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित है। हरियाणा में लगातार भू-जल का स्तर गिरता जा रहा है। एक अनुमान के अनुसार हरियाणा में औसतन हर वर्ष एक मीटर भू-जल स्तर में गिरावट आ रही है। भूमिगत जल स्तर में आश्चर्यचकित रूप से हुई गिरावट के प्रमुख कारण इस प्रकार है –

  • धान व गेहूँ के फसल चक्र की निरंतर खेती करना।
  • अधिक पानी की मांग करने वाली फसलों की अधिक खेती करने से।
  • भूमिगत जल पर निर्भरता बढ़ना व उसका अति दोहन करना।
  • वर्षा के पानी का योजनाबद्ध तरीके से संचय न करना।
  • खेतों की सिंचाई के लिए ड्रॉपिंग सिस्टम का प्रयोग न करना।

मेरा पानी मेरी विरासत योजना के उद्देश्य

पानी कमी की समस्या को दूर करने के लिए हरियाणा सरकार ने कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के साथ मिलकर महत्वपूर्ण कदम उठायें है। सरकार राज्य के कल्याण हेतु योजनाओं के माध्यम से नागरिकों के बेहतर स्वस्थ्य के लिए दृढ़ निश्चय के साथ जमीनी स्तर पर तेजी से कार्य कर सही है। इसी को पूरा करने के लिए एक मत्वपूर्ण कदम Mera Pani Meri Virasat योजना को शुरू करना है। मेरा पानी मेरी विरासत योजना के प्रमुख उद्देश्य इस प्रकार है –

  • किसानों को धान व गेहूँ के फसल चक्र से निकालकर उसकी जगह अधिक लाभ देने वाली फसलों का विकल्प देना।
  • कम पानी की मांग के साथ अधिक मुनाफा देने वाली फसलों को बढ़ावा देना।
  • भूमिगत जल के स्तर को बनाये रखना। व उसके अति दोहन पर नियंत्रण करना।
  • प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण हेतु नागरिकों को जागरूक करना।
  • पानी की कमी से उत्त्पन होने वाली समस्याओं से लोगों को सचेत कराना।
  • धान व गेहूँ के फसल चक्र से मृदा स्वाथ्य को उसके कुप्रभाव से बचाना।
  • मिटटी में सूक्ष्म जीवों के संतुलन को बनाये रखना। जो मिट्टी की उर्वरता को प्राकृतिक रूप से बढ़ाते है।
  • राज्य में खेती-बाड़ी के लिए नवीनतम तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देना।
  • किसानों को स्थायी खेती के लिए वैकल्पिक फसलों (मक्का / कपास / बाजरा / दलहन / बागवानी) के प्रति प्रेरित करना।
  • हरियाणा में बड़े स्तर पर बोई जाने वाली अधिक पानी के मांग करने वाली फसलों की क्षेत्र को कम करना।

उपरोक्त उद्देश्यों को पूरा करने के पश्चात हम निश्चित रूप से हमारी प्रकृति, मिटटी और बहुमल्य जल का संरक्षण कर सकेंगे। तथा भू-जल स्तर में हो रही गिरावट को नियंत्रित कर सकेंगे।

मेरा पानी मेरी विरासत योजना की विशेषताएँ

मेरा पानी मेरी विरासत योजना हरियाणा के जनहित में चलाई गई प्रमुख योजनाओ में से एक है। Mera Pani Meri Virasat योजना के तहत किसानों को धान की जगह वैकल्पिक फसल की खेती करने के लिए सलाह दी गई है जिससे राज्य के जल स्तर में सुधार किया जा सके। पिछले सीजन में बोये गए धान के क्षेत्र का 50 प्रतिशत या उससे अधिक क्षेत्र में विविधीकरण करने वाले किसानों को प्रति एकड़ 7000/- रुपये , कृषि यंत्रो पर सब्सिडी व उत्तम क़िस्म के बीज उपलब्ध कराएं जाएंगे। और ऐसा करने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य है।

  • मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर जी के द्वारा राज्य में प्रकृति, उपजाऊ मिटटी व जल के संरक्षण हेतु मेरा पानी मेरी विरासत योजना को शुरू किया गया है। 
  • योजना के तहत धान की खेती को छोड़कर वैकल्पिक खेती (मक्का / कपास / बाजरा / दलहन / बागवानी) करने वाले किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। 
  • मेरा पानी मेरी विरासत योजना के अंतर्गत गेहूँ व धान की फसल के स्थान पर वैकल्पिक खेती करने वाले किसानों को प्रोत्साहन राशि के रूप में 7000/- रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से प्रदान किये जा रहे है। 
  • हरियाणा सरकार द्वारा मेरा पानी मेरी विरासत योजना के तहत वैकल्पिक फसलों के रूप में मक्का, बाजरा , कपास , दालें व बागवानी फसलों को शामिल किया गया है। 
  • मेरा पानी मेरी विरासत योजना के लिए हरियाणा के किसी भी ब्लॉक के ईच्छुक किसान धान की खेती छोड़कर इस योजना के तहत दिए जाने वाली प्रोत्साहन राशि व सब्सिडी का लाभ ले सकते है। 
  • इस योजना के अंतर्गत लाभार्थियो को कृषि यंत्रों की खरीद पर 40 से 50 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान की जाती है।

मेरा पानी मेरी विरासत योजना के प्रमुख लाभ

  • मेरा पानी मेरी विरासत योजना के फलस्वरूप राज्य में अन्य फसलों का उत्पादन बढ़ेगा।
  • किसानों की कम खर्च पर आय अधिक होगी।
  • राज्य में पानी की समस्या  की समस्या का समाधान होगा।
  • मिटटी की उर्वरकता का विकास होगा। तथा राज्य के भू-जल स्तर में सुधार होगा।
  • प्रधानमंत्री फसल बिमा योजना के तहत वैकल्पिक फसलों जैसे कि मक्का , कपास व बाजरा की फसल का बिमा हरियाणा सरकार द्वारा मुफ्त में किया जायेगा।
  • सरकार योजना के तहत धान की खेती छोड़कर वैकल्पिक खेती करने वाले किसानों को प्रोत्साहन राशि के रूप में 7000/- रुपये प्रति एकड़ की राशि प्रदान करेगीं। 
  • प्रदेश सरकार द्वारा योजना के वैकल्पिक तौर पर शामिल की गई फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एम.एस.पी) पर खरीदेगी।
  • Mera Pani Meri Virasat योजना के अंतर्गत किसानों को कृषियंत्रों की खरीददारी पर अनुदान राशि मुहईया कराई जाएगी। 
  • धान की खेतीबाड़ी छोड़कर बागवानी करने वाले को 7000/- रूपये के अलावा अलग से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

इसे पढ़े : भावान्तर भरपाई योजना हरियाणा 

मेरा पानी मेरी विरासत योजना के अंतर्गत उपलब्ध प्रोत्साहन

पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने, फसल विविधीकरण बढ़ाने , राज्य के भूमिगत जल में सुधर करने व धान की जगह वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हरियाणा सरकार ने Mera Pani Meri Virasat Scheme शुरू की है। अगर आज बहुमूल्य जल को नहीं बचाया गया तो हमारी आने वाली अगली पीढ़ी खेती करना तो दूर, पीने के पानी की किल्लत का सामना करेगी। हरियाणा सरकार किसानो को धान की फसल के स्थान पर वैकल्पिक खेती करने की प्रेरणा के साथ ही किसानों को प्रोत्साहित भी कर रही है। जिसका विवरण कुछ इस प्रकार है –

  • मेरा पानी मेरी विरासत योजना के अंतर्गत प्रदेश के जिस किसान ने अपनी कुल जमीन के क्षेत्र का 50% या उससे अधिक क्षेत्र में धान की जगह मक्का, कपास, बाजरा, दलहन फसलें व सब्जिओं की खेती की है सरकार द्वारा उसे 7,000/- रूपये प्रति एकड़ की दर से राशि प्रदान की जाएगी।
  • किन्तु यह राशि सिर्फ उन्ही किसानों को प्रदान की जाएगी जिन किसानों ने पिछले वर्ष बोये गई धान की फसल के क्षेत्र का में से 50% या उससे अधिक क्षेत्र में फसल विविधीकरण अपनाया है।
  • प्रदेश के किसानों द्वारा फसल विविधीकरण के रूप में बागवानी को अपनाया है उन्हें 7,000/- रूपये प्रति एकड़ की राशि के अतिरिक्त हरियाणा में बागवानी विभाग द्वारा चालित परियोजनाओं के प्रावधान अनुसार अलग से अनुदान राशि प्रदान की जाएगी। 
  • हरियाणा के जिन खण्डों का भू-जल स्तर 35 मीटर या उससे अधिक गहराई में चला गया है तथा पंचायत भूमि पर Mera Pani Meri Virasat Yojana के तहत वैकल्पिक फैसले उगाई जाती है तो इसके लिए 7,000/- रूपये प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि ग्राम पंचायत को दी जाएगी।
  • धान की फसल को छोड़कर वैकल्पिक फसल (मक्का / बाजरा / दलहन) को हरियाणा सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मुल्य (MSP) पर खरीदा जाएगा।
  • मक्का की फसल खरीदते समय मंडियों में मक्का सुखाने वाली आधुनिक मशीनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। जिससे किसान भाइयों को प्रयाप्त नमी के आधार पर उनकी फसल का उचित मूल्य मिल सके। 
  • हरियाणा के लक्षित खण्डों के किसानों द्वारा मक्का की बिजाई मशीनों के माध्यम से करने पर प्रदेश सरकार द्वारा बिजाई मशीन पर 40 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा।
  • फसल विविधीकरण के तहत अपनाई गई फसल की बीमा राशि / किसान के हिस्से की राशि का हरियाणा सरकार द्वारा भुगतान किया जाएगा।
  • Mera Pani Meri Virasat योजना के अंतर्गत फसल विविधीकरण अपनाने वाले किसानों को सुक्ष्म सिंचाई संयंत्र लगाने पर प्रदेश सरकार द्वारा खर्च राशि पर 85 प्रतिशत अनुदान दिया जायेगा। किसानों को सिर्फ सुक्ष्म सिंचाई संयंत्र की कुल लागत का GST ही देना होगा। 

मेरा पानी मेरी विरासत योजना हेतु जरुरी दस्तावेज व पात्रता 

उपरोक्त लेख में आपने योजना का उद्देश्य, विशेषताएं , मेरा पानी मेरी विरासत योजना की लाभ एवं सरकार द्वारा किसानों को दिया जाने वाला प्रोत्साहन के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। लेकिन मेरा पानी मेरी विरासत योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को योजना के अंतर्गत आवश्यक पात्रता व आवेदन करने के लिए दस्तावेज होना चाहिए। तभी आप Mera Pani Meri Virasat योजना का लाभ ले सकते है। आवश्यक दस्तावेज व आवेदक की पात्रता इस प्रकार है –

  • हरियाणा का स्थायी निवास प्रमाण पत्र।
  • आवेदक का आधार कार्ड।
  • पहचान पत्र।
  • बैंक खाते की पासबुक।
  • वैध मोबाइल नंबर।
  • पासपोर्ट आकार में आवेदक का फोटो।
  • कृषि योग्य भूमि के दस्तावेज।

मेरा पानी मेरी विरासत योजना ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया

यदि आप मेरा पानी मेरी विरासत योजना के तहत लाभ प्राप्त करना चाहते है। धान की जगह वैकल्पिक फसलों का उत्पादन कर अच्छा मुनाफा कमाना चाहते है तथा प्रदेश के सामने खड़ी जल की समस्या और बहुमूल्य पानी का महत्त्व जानते है। तो किसान भाई इसके लिए ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते है। आप निचे दी गई विधि के अनुसार सफलतापूर्वक आवेदन कर सकते है जो इस प्रकार है –

  • चरण 1  :आवेदन करने के लिए सबसे पहले आपको मेरा पानी मेरी विरासत योजना की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाना होगा। यहाँ आने पर आपके सामने सर्वप्रथम वेबसाइट का होमपेज खुलेगा। 
  • चरण 2 : वेबसाइट के होमपेज पर आने के बाद फसल विविधीकरण के लिए पंजीकरण” पर क्लिक करें। 
  • चरण 3 : अब आपके सामने नया पेज खुलेगा , जहाँ आपको अपना आधार कार्ड नंबर भरना है। और Next के बटन पर क्लिक करें। 
  • चरण 4 : यहाँ आप आपसे किसान की जरुरी जानकारी मांगी जाएगी। जिसे ध्यानपूर्वक भरें। 
  • चरण 5 : किसान भाइयों से मांगी गई सभी जानकारी भरने के बाद अब Submit बटन पर क्लिक करें। 

इस प्रकार पंजीकरण की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूर्ण हो जाएगी। और आप Mera Pani Meri Virasat योजना के तहत मिलने वाली सुविधाओं का लाभ ले सकेंगे। 

बाढ़ से प्रभावित क्षेत्र के लिए आवेदन की प्रक्रिया

  • चरण 1  :आवेदन करने के लिए सबसे पहले आपको Mera Pani Meri Virasat Yojana की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाना होगा। यहाँ आने पर आपके सामने सर्वप्रथम वेबसाइट का होमपेज खुलेगा। 
  • चरण 2 : वेबसाइट के होमपेज पर आने के बाद बाद से प्रभावित क्षेत्र के विकल्प  पर क्लिक करें। 
  • चरण 3 : नए पेज पर आने के बाद फॉर्मर रजिस्ट्रेशन का फॉर्म खुल जायेगा। जहाँ आपसे आधार कार्ड , जमीन व किसान की सामान्य जानकारी मांगी जाएगी। 
  • चरण 4 : सभी जानकारी भरने के बाद अब Submit बटन पर क्लिक करें।

इस प्रकार बाढ़ से प्रभावित क्षेत्र के किसानों का पंजीकरण सफलतापूर्वक हो जायेगा।

अधिकतर पूछें जाने वाले प्रश्न –

  • प्रश्न : मेरा पानी मेरी विरासत योजना कब और किसके द्वारा शुरू की गई ?
    • उत्तर : यह योजना मई 2020 में मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा शुरू की गई।
  • प्रश्न : मेरा पानी मेरी विरासत योजना का उद्देश्य क्या है ?
    • उत्तर : योजना का उद्देश्य हरियाणा राज्य का भूमिगत जल स्तर को बनाये रखना, किसानों की आय बढ़ाना तथा मृदा व जल का संरक्षण करना है।
  • प्रश्न : मेरा पानी मेरी विरासत योजना का लाभ किसे मिलेगा ?
    • उत्तर : इस योजना का लाभ हरियाणा के सिर्फ उन्ही किसानों को मिलेगा जो धान की फसल की जगह मेरा पानी मेरी विरासत योजना के अंतर्गत विकल्प के तौर पर प्रदान की गई फसलों की खेती करेंगे। वैकल्पिक फसलों का उत्पादन करने वाले किसान को 7000 /- प्रति एकड़ की दर से राशि व कृषि यंत्रों पर सब्सिडी प्रदान की जाती है।
  • प्रश्न : मेरा पानी मेरी विरासत योजना ऑनलाइन पंजीकरण कैसे करें ?
    • उत्तर : किसान पंजीकरण के लिए मेरा पानी मेरी विरासत पोर्टल पर पंजीकरण कर सकते है। पंजीकरण करने की सम्पूर्ण जानकारी लेख में प्रदान कर दी है आवेदन करने से पूर्व जरूर पढ़ ले।

Rohit Singh

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